हाईवे के ढाबों पर यात्रियों से लूट पर चालक-परिचालक बेवजह होते हैं बदनाम, पढि़ए क्या बोले MD

लंबे रूट की बसों के यात्रियों से ढाबा मालिकों द्वारा लूट-खसूट पर निगम के चालकों व परिचालकों को की कोपभाजन का सामना करना पड़ता है। इसमें कोई दो राय नहीं है, जब बस ढाबों पर रूकती हैं तो चालकों व परिचालकों को विशेष सत्कार मिलता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वो अपनी मर्जी के ढाबों में ब्रेक लगाएं। दरअसल निगम का प्रबंधन यह तय करता है कि दिल्ली या फिर अन्य हाईवे पर बस कहां रूकेगी। आदेश की पालना न करने पर चालक व परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की तलवार भी लटकी रहती है।

न्यूज नेटवर्क ने यह तय किया है कि खबर का पीछा तब तक किया जाएगा, जब तक यात्रियों से लूट खसूट बंद न हो जाए। इसी कड़ी में जब शुक्रवार को भी अपडेट हासिल करने की कोशिश की गई तो पता चला कि करीब छह महीने पहले ही प्रबंधन स्तर पर बदलाव किए गए थे। बकायदा क्षेत्रीय प्रबंधकों को इस बात से अवगत करवाया गया था कि बसों को कहां रोका जाएगा। दरअसल पिछली सरकार के कार्यकाल में ढाबों को चिन्हित करने की प्रथा शुरू हुई थी। इसके पीछे यात्रियों को सस्ता व गुणवत्तापूर्ण खाना उपलब्ध करवाने का तर्क दिया गया। अब धीरे-धीरे लूट-खसूट शुरू हो गई।


उम्मीद की जा रही थी कि जयराम सरकार बनते ही बदलाव आएंगे, लेकिन हालात बद से बदत्तर हो गए। सवाल इस बात पर  भी उठता है कि प्रबंधन ढाबों को चिन्हित करने में दखलअंदाजी क्यों कर रहा है, जबकि इसकी जिम्मेदारी चालक-परिचालकों पर ही छोड़ी जानी चाहिए। अहम बात यह है कि प्रबंधन के स्तर पर ढाबों को चिन्हित तो कर दिया जाता है, लेकिन इसकी नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो पाती।


न्यूज नेटवर्क ने यात्रियों से ढाबों में लूट-खसूट का मामला 4 जनवरी को प्रकाशित किया था। इसके बाद से लगातार इस खबर को तब तक ताजा रखा जा रहा है, जब तक बात किसी अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंचे। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर से भी मामला उठाया गया था। करीब दो सप्ताह बीत जाने के बाद प्रबंधन फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा है। उधर यह भी पता चला है कि प्रदेश के अंदरूनी मार्गों पर भी ढाबों को चिन्हित करने का खेल चलता है।


क्या बोले निगम के प्रबंध निदेशक…
हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप भटनागर से मंगलवार को एमबीएम  न्यूज नेटवर्क ने संपर्क साधा। इस पर उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री के निर्देश के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ढाबों के निरीक्षण किए जा रहे हैं। एमडी ने कहा कि दिल्ली से लौटते ही इस मामले पर अंतिम फैसला लेंगे।

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