1957 के स्नातक बाबूजी श्री कल्याण सिंह जी का निधन


शिलाई क्षेत्र मैं बाबूजी के नाम से जाने जाने वाले श्री कल्याण सिंह जी का पिछले कल निधन हो गया. उनके बाद शिलाई के ही ग्राम पंता के श्री धरम सिंह कपूर जो श्री कल्याण सिंह जी के बहुत करीबी माने जाते थे का भी अगले ही दिन निधन हो गया. इस तरह शिलाई क्षेत्र ने दो दिन में दो अनुभवी रतन खो दिए.

1757 क स्नातक रहे श्री कल्याण सिंह जी उस समय क पुरे शक्तृ में इकलौते स्नातक थे अवं अपनी वक् चट्ठा अवं विलक्षण बुद्धि के लिए माने जाते थे. लोग उन्हें अपने गांव गलियों के आपसी झगड़ों के निपटारे के लिए पितामह भीष्म का दर्जा देते थे . कई राजनीतिनिक एंड सामुदयिक मामलो के पेचिदगियों चुटकियों में हल करने वाले श्री कल्याण सिंह जी के पास हर समस्या का समाधान मौजूद रहता था.

“2 दिन मैं शिलाई ने खोये 2 अनुभवी रतन”

परन्तु कहते है की समय किसी को बख्शता नहीं है, ये कथन उनपे भी लागु हुआ जब अद्वितीय सूझ बूझ अवं असीम ज्ञान के बावजूद भी वे परिस्थितियों के जकड में आ गए अवं कुछ समय जिला कारागार में व्यतीत करना पड़ा अवं ता उम्र संत का चोला पहना.

अपने जीवन के अंतिम दिनों में भी उन्हें शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ा लेकिन अपनी सूझ बूझ के कारन बचो बचो से अपने संजीदगी अवं स्वभाव की शालीनता के लिए प्रशंसा के पात्र बने. हालाँकि वे कभी सीधे तोर पर राजनीती में नहीं आये लेकिन उन्हें राजनीती का भी द्रोणाचर्य माना जाता था.

श्री कल्याण सिंह जी अपने पीछे एक भरा पूरा परिवार छोड़ गए है, जिनमें 3 पुत्र अवं 2 पुत्रिया है. उनके बड़े बेटे श्री बलबीर फोजी एक पूर्व सैनिक है अवं छोटे बेटे श्री राजेन्दर चौहान ने घर की जिम्मेदारी संभाल रखी है. सबसे छोटे बेटे श्री नरेश चौहान फ़ौज में कर्नल के पद पर है.

श्री कल्याण सिंह जी निधन पर खेत्र के विधायण श्री हर्षवर्धन जी ने शोक प्रकट किया अवं दिवंगत कल्याण सिंह जी के हुनर अवं बुद्धि की प्रशंसा की श्री शास्त्री जी शर्ली , श्री शोभा राम जी मिनालबाग, श्री रतन सिंह जी चयोग श्री रमेश चौहान जी माशु एवं अन्य बुद्धिजीवी लोगो ने उनके आत्मा की शान्ति की कामना की अवं शोक प्रकट किया

www.000webhost.com